माँ तुने उपकार किया
अच्छा किया मुझे मार दिया
क्या फायदा मेरे जन्म का
जन्मते ही घर में मातम छा जाये
उम्र के साथ -साथ चिंता
बढ़ती जाये
और मेरा विवाह ताबूत की
आखरी कील हो
ससुराल में हो जाऊं सती
यही मेरा भविष्य यही मेरी नियति
इन सब मुसीबतों से
तुने उबार लिया
माँ तुने उपकार किया
माँ तुने उपकार कि या
Posted in साहित्य by seemakanwal 398 दिन पहले (http://nirposhdixit.blogspost.com)इसके लिए वोट करने वाले
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